आज समाहरणालय सभागार, सरायकेला में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा की अध्यक्षता में धान अधिप्राप्ति से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री पुष्कर सिंह मुंडा , जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी श्री रौशन नीलकमल सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले में धान अधिप्राप्ति की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में अब तक 742 किसानों द्वारा कुल 42,089.02 क्विंटल धान की बिक्री की जा चुकी है। जिले में कुल 6,191 पंजीकृत किसान हैं, जिनमें से अब तक 447 किसानों को धान विक्रय की राशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष किसानों का भुगतान प्रक्रियाधीन है।
समीक्षा के क्रम में उप विकास आयुक्त द्वारा धान अधिप्राप्ति केंद्रों (लैम्प्सवार) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने किसानों के पंजीकरण की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करने, सभी अधिप्राप्ति केंद्रों से समय पर धान का उठाव कराने तथा एडवांस सीएमआर (Custom Milled Rice) की नियत समय-सीमा के भीतर जनरेशन एवं प्राप्ति सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि धान विक्रय के उपरांत किसानों को देय राशि का भुगतान नियमानुसार त्वरित एवं सुचारु रूप से किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को पारदर्शिता बनाए रखते हुए, दस्तावेजों के समयबद्ध संधारण, डेटा अद्यतन एवं नियमित अनुश्रवण के माध्यम से धान अधिप्राप्ति कार्य का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि धान अधिप्राप्ति कार्य में किसानों के हित सर्वोपरि हैं तथा राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी प्रक्रियाओं का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।






