जमशेदपुर: कोल्हान पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) अनुरंजन किस्पोट्टा के शुक्रवार को जमशेदपुर पहुंचने पर पुलिस पदाधिकारियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद डीआईजी ने वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर डॉ. ऐहतेशाम वकारिब समेत जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में जिले में दर्ज महत्वपूर्ण कांडों की जांच और उनके निष्पादन की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान विशेष रूप से एनडीपीएस एक्ट, आईटी एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों की प्रगति पर चर्चा हुई। डीआईजी ने लंबित कांडों के अनुसंधान में अनावश्यक देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों के निष्पादन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीआईजी ने अधिकारियों से लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति, अनुसंधान में आ रही बाधाओं और कांडों के लंबित रहने के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने अनुसंधान पदाधिकारियों को साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने तथा महत्वपूर्ण मामलों में सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया।
साइबर और एनडीपीएस मामलों पर विशेष जोर
साइबर अपराध से जुड़े मामलों में तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया गया। वहीं, नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहते हुए तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का निर्देश दिया गया।
एससी/एसटी एक्ट के मामलों में संवेदनशीलता के साथ जांच करने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का समय पर पालन करने को कहा गया।
डीआईजी ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। मामलों का तार्किक निष्पादन, पर्याप्त साक्ष्यों का संकलन और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के लिए आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
लंबित कांडों की नियमित होगी मॉनिटरिंग
डीआईजी ने लंबित कांडों की नियमित मॉनिटरिंग और अनुसंधान की प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के साथ समयबद्ध निष्पादन पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों और थानों में लंबित मामलों की स्थिति से डीआईजी को अवगत कराया। साथ ही, बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और लंबित कांडों के निष्पादन की प्रगति की आगे भी समीक्षा किए जाने की बात कही गई।

