उत्तर प्रदेश में 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। हरिद्वार और गोमुख से जल लेकर निकलने वाले लाखों कांवड़िए मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद के रास्ते दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की ओर बढ़ते हैं। इसी वजह से इन 3 जिलों को यात्रा के लिहाज से सबसे संवेदनशील माना जाता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
3 जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप
गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर पुलिस ने कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है। यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, CCTV निगरानी, अस्थायी पुलिस चौकियों और कंट्रोल रूम के जरिए 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
मुजफ्फरनगर में शिविरों और सुरक्षा पर विशेष फोकस
मुजफ्फरनगर प्रशासन ने कांवड़ सेवा शिविरों में पर्याप्त रोशनी, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन उपकरण और CCTV कैमरे अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही डीजे और लाउडस्पीकर का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुसार करने तथा यातायात बाधित न होने देने पर विशेष जोर दिया गया है।
कौन हैं मुजफ्फरनगर SSP संजय कुमार वर्मा?
संजय कुमार वर्मा 2014 बैच के IPS अधिकारी हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले हैं। उन्होंने वर्ष 2025 में मुजफ्फरनगर के SSP का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वह इटावा में एसएसपी के रूप में तैनात रहे। उन्हें सख्त और परिणाम देने वाले पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाता है। कांवड़ यात्रा को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन के साथ कई समीक्षा बैठकें की हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
रामपुर तिराहा पुलिस चौकी बनेगी अस्थायी थाना
यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए छपार थाना क्षेत्र की रामपुर तिराहा पुलिस चौकी को अस्थायी थाना घोषित किया गया है। चौकी प्रभारी सुभाष चंद्र को इसका प्रभारी बनाया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इस बार यूपी में कांवड़ यात्रा की तैयारी कैसी है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रमुख मार्गों पर CCTVकैमरे लगाए हैं। इन कैमरों की निगरानी के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

