जमशेदपुर, 28 अक्टूबर 2026: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह (Vigilance Awareness Week–2026) मनाया जा रहा है। इस वर्ष का विषय “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” (Probity for Prosperity) है। इस आयोजन का उद्देश्य सार्वजनिक जीवन एवं संस्थागत कार्यप्रणाली में ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सत्यनिष्ठा की शपथ के साथ हुआ। इस अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में उनके आदर्शों, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को स्मरण किया गया।
कार्यक्रम में श्री मनोज स्वर्गियारी, आईपीएस, पुलिस अधीक्षक, सरायकेला-खरसावाँ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार मुख्य संरक्षक थे, जबकि शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. एम. के. सिन्हा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। संस्थान के कुलसचिव (प्रभारी) प्रो. सरोज कुमार सारंगी भी कार्यक्रम से जुड़े रहे।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 की आयोजन समिति में प्रो. वीरेंद्र कुमार, अंशकालिक मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO); प्रो. दिलीप यादव, अधिष्ठाता (संकाय कल्याण); प्रो. अशोक कुमार, अधिष्ठाता (छात्र कल्याण); डॉ. जयेंद्र कुमार, एनएसएस समन्वयक; डॉ. सुब्रत दत्ता, सदस्य-संयोजक; तथा श्री सैकत मृधा, सदस्य शामिल हैं।
मुख्य अतिथि श्री मनोज स्वर्गियारी ने अपने संबोधन में निवारक सतर्कता (Preventive Vigilance) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और नैतिक आचरण सतत आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति तथा राष्ट्रीय कल्याण के आवश्यक आधार हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार-मुक्त समाज और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था के निर्माण में प्रत्येक नागरिक एवं सरकारी कर्मचारी की भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा तथा संस्थागत पारदर्शिता को मजबूत बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और साइबर सुरक्षा के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने सभी से सतर्कता, जिम्मेदार आचरण और नैतिक मूल्यों के पालन के माध्यम से अपराध-मुक्त समाज तथा भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासनिक व्यवस्था के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
निवारक सतर्कता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एनआईटी जमशेदपुर ने पांच प्रमुख क्षेत्रों में अपनी पहलों और उपलब्धियों को रेखांकित किया। इनमें लंबित शिकायतों का निपटारा, लंबित मामलों का निपटारा, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, डिजिटल पहल तथा अनुबंध प्रबंधन शामिल हैं।
- लंबित शिकायतों का निपटारा
विचाराधीन अवधि में केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के पोर्टल के माध्यम से संस्थान को कुल एक शिकायत प्राप्त हुई, जिसका निपटारा किया जा चुका है। वर्तमान में एनआईटी जमशेदपुर के संबंध में सीवीसी पोर्टल पर कोई शिकायत लंबित नहीं है।
- लंबित मामलों का निपटारा
वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान संस्थान के विभिन्न अनुभागों में सूचना का अधिकार (RTI) से संबंधित कुल 119 मामले प्राप्त हुए। इन सभी मामलों का निपटारा कर दिया गया है तथा संबंधित जानकारी संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
- क्षमता निर्माण कार्यक्रम
संस्थान में संकाय सदस्यों एवं मंत्रालयिक कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन तथा ऑफलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में सूचना प्रौद्योगिकी एवं साइबर सुरक्षा, साइबर स्वच्छता, सार्वजनिक खरीद, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) की नई सुविधाएँ एवं कार्यप्रणालियाँ, आचरण नियम तथा हितों के टकराव जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
- डिजिटल पहल
संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट को अधिक पारदर्शी, अद्यतन और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए नियमित रूप से अपडेट किया जा रहा है। इसके अंतर्गत संबंधित विभागाध्यक्षों, केंद्राध्यक्षों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों को उपलब्ध कराए गए स्वचालित लिंक के माध्यम से सूचनाओं को अद्यतन किया जाता है। इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक लॉगिन के माध्यम से वेबसाइट की सूचनाओं में आवश्यक संशोधन, विलोपन एवं अद्यतन भी किए जाते हैं।
वर्ष 2025–26 के तृतीय-पक्ष पारदर्शिता ऑडिट में संस्थान की वेबसाइट ने 875 में से 773 अंक प्राप्त किए, जो लगभग 88.34 प्रतिशत है। यह डिजिटल पारदर्शिता को मजबूत बनाने की दिशा में संस्थान के प्रयासों को दर्शाता है।
- अनुबंध प्रबंधन
संस्थान में अनुबंध प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रणालीगत सुधारों तथा ई-गवर्नेंस आधारित प्रक्रियाओं को अपनाया जा रहा है। इस दिशा में संस्थान ने 100 प्रतिशत ई-भुगतान, 100 प्रतिशत ई-टेंडरिंग तथा केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल (Central Public Procurement Portal) के माध्यम से 80 प्रतिशत खरीद/अनुबंध की जानकारी दी है।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के आयोजन के माध्यम से एनआईटी जमशेदपुर ने निवारक सतर्कता को सुदृढ़ करने, नैतिक प्रशासन को बढ़ावा देने तथा संस्थागत कार्यप्रणाली में सत्यनिष्ठा और जवाबदेही की संस्कृति विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह आयोजन इस संदेश को मजबूत करता है कि सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता संस्थागत उत्कृष्टता तथा राष्ट्र की समृद्धि के लिए अनिवार्य हैं।

