जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम की मेयर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मेयर अनर्गल प्रलाप कर रही हैं और निगम में उठ रहे मूल सवालों से ध्यान भटकाने के लिए उनसे विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रही हैं।
सरयू राय ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि इस बात को लेकर है कि नगर निगम नियम-कानून के अनुसार चलेगा या मनमर्जी से। उन्होंने कहा कि वह अपने अधिकार के प्रति नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य के प्रति सचेत रहते हैं। जहां नियम-कानून का पालन नहीं होता, वहां गलत या भ्रष्ट आचरण का विरोध करना उनका कर्तव्य है।
अधिकार को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग
सरयू राय ने कहा कि मेयर को बताना चाहिए कि नगरपालिका अधिनियम के किस प्रावधान के तहत उन्हें संबंधित अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या उनके अधिकारों को लेकर सरकार ने महाधिवक्ता से मंतव्य मांगा था और यदि मांगा था तो क्या सरकार ने उस मंतव्य को स्वीकार करते हुए नगर निगम को कोई निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो मेयर को इसे स्वीकार करना चाहिए, अन्यथा सरकार के समक्ष इसका विरोध करना चाहिए।
विधायक की भूमिका सीमित, पार्षदों के पास निर्णय से जुड़ी शक्ति
सरयू राय ने कहा कि नगर निगम के संचालन में विधायक की भूमिका सीमित है। निर्णय से संबंधित शक्ति वार्ड पार्षदों के पास है। उन्होंने कहा कि वर्तमान विवाद असल में मेयर और पार्षदों के बीच है और सवाल यह है कि निगम कानून के अनुसार चलेगा या मनमानी से।
उन्होंने मेयर से कहा कि वह पार्षदों के सवालों का जवाब दें और यह स्पष्ट करें कि पार्षद जो सवाल उठा रहे हैं, वे सही हैं या नहीं। उनके अनुसार, विवाद के बीच विधायक को लाकर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।
पार्षद अपने विवेक से उठा रहे सवाल
सरयू राय ने कहा कि मेयर और वार्ड पार्षदों के बीच तीखी झड़पें हो रही हैं। स्वतंत्र रूप से सवाल उठाने वाले पार्षदों को अपना समर्थक बताना मेयर की रणनीति और पार्षदों का अपमान है। उन्होंने कहा कि पार्षदों का कोई गुट उनके साथ नहीं है और वे अपने विवेक से जनहित के मुद्दे उठा रहे हैं।
उपायुक्त के पास जाने को लेकर भी साधा निशाना
सरयू राय ने कहा कि निगम पर राजनीतिक नियंत्रण स्थापित करने की बात करना मेयर का एक शिगूफा है। उन्होंने कहा कि पार्षद अपनी समस्याओं को लेकर उपायुक्त के पास इसलिए जा रहे हैं क्योंकि उनकी बात मेयर नहीं सुनतीं। आरोप लगाया कि कई बार मेयर बैठक से बाहर चली जाती हैं।
उन्होंने कहा कि मेयर को पार्षदों की बात सुननी चाहिए और सही तरीके से काम करना चाहिए। पार्षद जनहित में सवाल उठा रहे हैं और मेयर को उनके सवालों का जवाब देना चाहिए।
सरयू राय ने आरोप लगाया कि मेयर पार्षदों के सवालों से बचकर उनसे लड़ने के लिए गलत मोर्चा खोल रही हैं और अपनी विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की राजनीति कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति से विवाद करना नहीं, बल्कि नियम-कानून के अनुसार नगर निगम का संचालन सुनिश्चित करना है।

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