जमशेदपुर। मानगो नगर निगम की मंगलवार को हुई बोर्ड मीटिंग के बाद उपजे विवाद को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने बुधवार को विस्तृत जवाब देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि पहले वह बैठक में शामिल वार्ड पार्षदों का रुख देखेंगे और इसके बाद मेयर के आरोपों का विधिवत जवाब देंगे।
सरयू राय ने जारी बयान में मेयर पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें नगर निगम संचालन से जुड़े नियम-कानून की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम के प्रशासनिक अधिकार अपर नगर आयुक्त के पास हैं। मेयर बोर्ड बैठक की अध्यक्षता कर सकती हैं। उनके बैठक में अध्यक्षता नहीं करने की स्थिति में प्रावधान के अनुसार उप महापौर अध्यक्षता कर सकते हैं। यदि उप महापौर भी मौजूद नहीं हों तो वार्ड पार्षद अपने बीच से किसी वरिष्ठ पार्षद का चयन कर बैठक की अध्यक्षता करा सकते हैं और मिनट्स पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
बैठक के एजेंडे को लेकर उठाए सवाल
सरयू राय ने कहा कि किसी भी बोर्ड बैठक में पूर्व में लिए गए निर्णयों की संपुष्टि कराई जाती है, लेकिन मंगलवार की बैठक में ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि सुबह 11 बजे तक उन्हें बैठक का एजेंडा नहीं मिला था। इस संबंध में उन्होंने ई-मेल के माध्यम से अपर नगर आयुक्त को सूचित कर दिया था कि एजेंडा नहीं मिलने के कारण वह बैठक में शामिल नहीं होना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि बाद में कई अधिकारियों और वार्ड पार्षदों ने फोन कर उनसे बैठक में शामिल होने का आग्रह किया। उनसे कहा गया कि पिछली बार उनके कारण बैठक टल गई थी और इस बार बैठक में गंभीरता रहेगी। इसके बाद वह बैठक में पहुंचे।
पार्षदों के रुख का करेंगे इंतजार
सरयू राय ने कहा कि उनकी मौजूदगी को मेयर ने किस रूप में लिया या उनकी उपस्थिति से उन्हें असहज महसूस हुआ, यह मेयर ही बता सकती हैं। उन्होंने कहा कि वह उन वार्ड पार्षदों के रुख का इंतजार करेंगे, जिनके बारे में मेयर की ओर से उनके गुट से जुड़े होने का आरोप लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि बुधवार को वार्ड पार्षदों का रुख देखने के बाद वह नगर निगम कार्यालय जाएंगे। वहां अपर नगर आयुक्त से मुलाकात कर वह उनसे यह स्पष्ट रूप से पूछेंगे कि क्या वह अपने दायित्वों से अवगत हैं और क्या नगर निगम को नियम-कानून के अनुसार चलाना चाहते हैं।
राज्य सरकार को भी लिखेंगे सरयू राय
विधायक ने कहा कि इसके बाद वह अपर नगर आयुक्त और मंगलवार को संपन्न बोर्ड बैठक से जुड़े पूरे मामले की जानकारी राज्य सरकार को देंगे। इसके बाद वह इस मुद्दे पर अपना विस्तृत वक्तव्य जारी करेंगे।
सरयू राय ने मेयर के मंगलवार के बयान को “नादानीपूर्ण, दुर्भाग्यपूर्ण और नासमझी का द्योतक” बताया। उन्होंने कहा कि बुधवार को पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखेंगे।

